March 7, 2021

भारत में 2025 तक लैपटॉप टेबलेट का विनिर्माण 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता

2025 तक भारत के पास लैपटॉप और टेबलेट की विनिर्माण क्षमता 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की है परंतु इसके लिए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी यह अनुमान मोबाइल उपकरण उद्योग के निकाय आईसीईए की एक रिपोर्ट द्वारा लगाया गया है इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इससे 5 लाख नए रोजगार पैदा होंगे इसके अलावा आईसीईए का यह भी कहना है कि लैपटॉप और टेबलेट पीसी के विनिर्माण के स्तर को बढ़ाकर भारत वैश्विक बाजार में 26% हिस्सेदारी प्राप्त कर सकते हैं जो कि अभी केवल 1% है इसके अलावा इस से 2025 तक कुल मिलाकर 75 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा तथा 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश मिलेगा आईसीसी के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा है कि लैपटॉप और टेबलेट के मामले में हम अभी आयात पर निर्भर है इसका 8% आयात चीन से होता है उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक बाजार 65 अरब डॉलर पर पहुंच गया है इसमें मोबाइल फोन का बड़ा हिस्सा है भारत में टेबलेट का बाजार काफी छोटा है और लैपटॉप का बड़ा नहीं है मोबाइल फोन के बाद ही सबसे बड़े आईटी उत्पाद थी महेंद्रू ने कहा कि 2025 से भारत में लैपटॉप और टेबलेट का विनिर्माण वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी हासिल कर सकता है इसका भी निर्माण 100 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है

400 अरब डालर तक इलेक्ट्रॉनिक भी निर्माण को पहुंचाने का लक्ष्य राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक नीति इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को 2019 में ही 2025 तक 400 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है इसमें से 190 अरब डॉलर मोबाइल फोन खंड से प्राप्त होने की उम्मीद है आईसीए के अनुसार 2025 तक घरेलू बाजार 170 अरब डॉलर का होगा आईसीईए के सदस्यों मे एप्पल, शाओमी, मोटोरोला, नोकिया, फॉक्सकॉन, फ्लेक्सट्रॉनिक्स, लावा, वीवो शामिल है
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति के लक्ष्य को पाने के लिए 230 अरब डॉलर का निर्यात करना होगा।