February 28, 2021

विद्यार्थियों को दो डोमिसाइल जमीन की कीमत बताने मामला हाईकोर्ट पहुंचा

बिहार में आवासीय प्रमाणपत्र का लाभ लेने वाले 35 विद्यार्थियों को झारखंड में मेडिकल में नामांकन पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को आंशिक सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने प्रार्थी को झारखंड राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद को कॉपी सर्व करने का निर्देश देते हुए सुनवाई नौ दिसंबर को निर्धारित की।

इस मामले में विवेक कुमार ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि नीट की ओर से मेडिकल में नामांकन को लेकर परीक्षा आयोजित की गयी थी। नीट एप्लीकेशन नंबर से जांच करने पर पता चला है कि बिहार में आवासीय प्रमाण पत्र का लाभ लेने वाले 35 विद्यार्थियों ने झारखंड कोटे में भी नामांकन को लेकर यहां का आवासीय प्रमाण पत्र संलग्न किया है। इनकी काउंसिलिंग भी हो चुकी है। नियम के तहत कोई भी स्टूडेंट दो राज्यों में एक साथ आवासीय प्रमाण पत्र का लाभ नहीं ले सकता है। अगर ऐसे छात्रों का नामांकन झारखंड कोटे में होता है, तो यहां के छात्रों का हक मारा जायेगा। इसलिए दोहरा लाभ लेने वाले विद्यार्थियों के नामांकन पर रोक लगायी जाये। अदालत को बताया गया कि 17 नवंबर को बिहार के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन को लेकर परीक्षाफल प्रकाशित किया गया था। इसके बाद 19 नवंबर को झारखंड के मेडिकल कॉलेज में नामांकन को लेकर परीक्षाफल प्रकाशित किया गया।