February 27, 2021

रेलवे कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर, जल्‍द ही बढ़ने वाली है सैलरी

दरअसल, भारतीय रेलवे में कार्यरत इन कर्मचारियों की अतिरिक्‍त वेतनवृद्ध‍ि पिछले लंबे समय से अटकी हुई थी, जिस पर रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र लिख इस देरी की वजहों को जानने और संबंधित अधिकारियों की जिम्‍मेदारी तय करने की बात कही है |

नई दिल्‍ली : भारतीय रेलवे (Indian Railways) में कार्यरत खिलाडि़यों के लिए अच्‍छी खबर है. अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों को जल्‍द ही उनका अतिरिक्‍त इंक्रीमेंट मिल सकता है. दरअसल, भारतीय रेलवे में कार्यरत इन कर्मचारियों की अतिरिक्‍त वेतनवृद्ध‍ि पिछले लंबे समय से अटकी हुई थी, जिस पर रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र लिख इस देरी की वजहों को जानने और संबंधित अधिकारियों की जिम्‍मेदारी तय करने की बात कही है |

रेलवे बोर्ड के उप निदेशक, एस्टेब्लिशमेंट (स्पोर्ट्स) भास्‍कर रॉय चौधरी ने भारतीय रेलवे के सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस बाबत पत्र लिखा है. इस पत्र में सख्‍त लहज़े में कहा गया है कि 31.12.2010 से पहले रेलवे बोर्ड की सलाह पर स्पोर्ट्सपर्सन्‍स को रेलवे द्वारा प्रोत्साहन वेतन वृद्धि दी गई थी. अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के लिए खिलाड़ियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने की शक्ति जोनल रेलवे को एक आधिकारिक आदेश के माध्‍यम से को दी गई थी.
इस पत्र में आगे कहा गया है कि यह संज्ञान में आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं, जहां खिलाड़ियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि नहीं दी गई है. महानिदेशक (एचआर) ने इस देरी पर गंभीरता से ध्यान दिया है और निर्देश दिया है कि इस देरी के कारणों को प्राप्त किया जा सकता है और उसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है.
डिप्‍टी डायरेक्‍ट ने अपने पत्र में कहा है कि यह निर्णय लिया गया है कि 31.12.2010 से पहले के मामलों के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के लिए खिलाड़ियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि करने के लिए जोनल रेलवे को शक्ति सौंपी जाए |

इस पत्र में आगे कहा गया है कि इसके लिए जोनल रेलवे अपने सहयोगी वित्त के परामर्श से मामलों को तय कर सकता है. यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि योजनाओं को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर मानदंडों के उल्लंघन के बिना समयबद्ध तरीके से उक्त प्राप्तियों के समय नीति के अनुसार सख्ती से लागू किया जाए. साथ ही सभी जोनल महाप्रबंधकों को आदेश दिया गया है कि इस संबंध में की गई कार्यवाही से बोर्ड को सूचित किया जाए |