May 7, 2021

मध्यप्रदेश में कोरोना: MP के 9 जिलों में बढ़ता कोरोना संकट , लॉकडाउन से होता नुकसान शिवराज इसकेे पक्ष में नहीं

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को 1 घंटे की कोरोना के बढ़ते मामलों पर समीक्षा की बैठक की! बैठक में जिलों से आई क्राइसिस मैनेजमेंट रिपोर्ट पर मंथन हुआ। और यह सामने आया कि प्रदेश में 9 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, रतलाम, धार, दतिया, अशोकनगर, शिवपुरी जिलों में संक्रमण सबसे ज्यादा है।

इन जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के फैसलों को लागू किया जाए, इसके निर्देश शिवराज ने कलेक्टरों को दिए! रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश शिवपुरी में रविवार देर शाम को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सिफारिश पर जिला प्रशासन ने कर दिया है इसके साथ ही धार में भी नाइट कफ‌र्यू के आदेश जारी कर दिए गए है।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि वे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन सख्ती न बरते, बल्कि व्यापारियों से बाजार बंद करने की अपील करे। और साथ ही साथ उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रेरित करे। 24 नवंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए फिर बैठक बुलाई है।

5 जिलों में नाईट कर्फ्यू

कोरोना संक्रमण बढ़ने से सरकार ने प्रदेश में 21 नवंबर से 5 जिलों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है
रतलाम, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। नाइट कर्फ्यू के पहले दिन इन जिलों में सख्ती दिखाई गई। भोपाल में कर्फ्यू तो रात 10 बजे लगाया जाना था, पर कुछ दुकानदारों ने रात 8 बजे दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। इंदौर की मशहूर छप्पन दुकान रात 9 बजे ही बंद हो गई।

इन नौ जिलों में संक्रमण का खतरा ज्यादा

जिला 21 नवंबर को नए केस कुल केस
भोपाल 301 29352
इंदौर 546 37661
ग्वालियर 88 13914
अशोकनगर 8 855
धार 36 3154
दतिया 10 1576
रतलाम 60 3158
विदिशा 47
2632

शिवपुरी 26 3116

21 नवंबर को मध्यप्रदेश में 1798 नए केस दर्ज किए गए, जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 193044 हो गई है।

ज्यादा संक्रमण का खतरा युवाओं में

बुजुर्गों की अपेक्षा युवाओं और महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में संक्रमण का रेट ज्यादा है, जिले में मिली रिपोर्ट से यह सामने आया है, क्योंकि युवा ज्यादा लापरवाही करते हैं!

ऐसे में समाजसेवी संगठनों के सहयोग सेे युवाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हुए मंथन में यह भी सामने आया कि गांव की अपेक्षा शहरों में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है।