February 28, 2021

भारत अर्थव्यव्स्था के जल्‍द पटरी पर लाने के संकेत! कंपनियों ने जमा किया 49 फीसदी ज्‍यादा एडवांस टैक्‍स

भारतीय अर्थव्यवस्था में पुनरूद्धार के संकेत मिले हैं. कंपनियों का अग्रिम कर भुगतान (Advance tax payment) चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 49 फीसदी उछलकर 1,09,506 करोड़ रुपये पहुंच गया है |

मुंबई: कोरोना संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था में पुनरूद्धार के संकेत मिले हैं. कंपनियों का अग्रिम कर भुगतान (Advance tax payment) चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 49 फीसदी उछलकर 1,09,506 करोड़ रुपये पहुंच गया. सीबीडीटी सूत्रों ने यह जानकारी दी. इस बढ़ोतरी का कारण मुख्य रूप से पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में तुलनात्मक आधार का कमजोर होना हो सकता है. सरकार ने पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में कंपनी कर की दर कम कर 25 प्रतिशत कर रिकार्ड निम्न स्तर पर ला दिया था. इससे कंपनियों के कर भुगतान में कमी आयी थी. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में अग्रिम कंपनी कर संग्रह 73,126 करोड़ रुपये था. अग्रिम कर भुगतान में कंपनी और व्यक्तिगत आयकर सबसे प्रमुख है|

इसे संबंधित इकाई अपनी कर देनदारी के आकलन के आधार पर चार तिमाही किस्तों में 15, 25, 25 और 35 प्रतिशत के हिसाब से भुगतान करती है. सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी कर संग्रह में बढ़ोतरी से आलोच्य तिमाही में सकल कर संग्रह बढ़कर 7,33,715 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल के 8,34,398 करोड़ रुपये के मुकाबले केवल 12.1 प्रतिशत ही कम है. शुद्ध कर संग्रह 5,87,605 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले प्राप्त 6,75,409 करोड़ रुपये के मुकाबले 13 प्रतिशत कम है. तीसरी तिमाही के दौरान विभाग ने 1,46,109 करोड़ रुपये करदाताओं को वापस किये जो पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में वापस किये गये 1,58,988 करोड़ रुपये के मुकाबले 8.1 प्रतिशत कम है. कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में अग्रिम कंपनी कर संग्रह 2,39,125 करोड़ रुपये रहा|

यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले 76 प्रतिशत कम था. वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में सकल कर संग्रह 12 प्रतिशत वृद्धि के साथ 24.23 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है. 2019-20 में यह 21.63 लाख करोड़ रुपये था. फरवरी में पेश बजट में प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.19 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया जो 2019-20 के 10.28 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 28 प्रतिशत अधिक है. इसका कारण सरकार को विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास’ को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है. अग्रिम कंपनी कर संग्रह पहली तिमाही में 79 प्रतिशत लुढ़क कर 8,286 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 64 प्रतिशत घटकर 3,428 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 9,512 करोड़ रुपये था. इससे पहली तिमाही में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 31 प्रतिशत घटकर 1,37,825 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 1,99,755 करोड़ रुपये था |