May 7, 2021

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) विमानन सुरक्षा जागरूकता सप्ताह 2020 का आयोजन किया

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने उड्डयन सुरक्षा जागरूकता सप्ताह 2020 (23 नवंबर से 27 नवंबर 2020) की शुरुआत की। पूरे भारत में एएआई द्वारा नियंत्रित सभी हवाई अड्डों और एएनएस स्थानों पर सप्ताह भर उत्सव मनाया जा रहा है। श्री अरविंद सिंह, अध्यक्ष, एएआई, ने सभी क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशकों और हवाई अड्डे के निदेशकों से सक्रिय रहने और अपने संबंधित क्षेत्र/स्टेशन के सुरक्षा संबंधी प्रदर्शन की निगरानी के लिए व्यक्तिगत रूप से समय देने का आग्रह किया। श्री सिंह ने आगे जोर देकर कहा कि कोविड-19 की स्थिति के दौरान उड़ानों की अपेक्षाकृत कम आवाजाही के बावजूद, हवाई अड्डों पर वन्यजीवों/पक्षियों के खतरे में बढ़ोतरी देखी गयी है। यातायात की सघनता चाहे जैसी भी रहे, सुरक्षा निवारक उपायों को निरंतर जारी रखा जाना चाहिए।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य अपने वैश्विक विमानन सुरक्षा योजना (GASP-2020-22) में हितधारकों की बेहतर प्रबंधित सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से वर्ष 2030 तक जीरो फैटलिटी के दीर्घकालिक उद्देश्य को प्राप्त करना है।
उड्डयन संबंधी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए, एएआई हवाई अड्डों और एएनएस स्टेशनों पर दस्तावेजों और सुविधाओं की समीक्षा, पूर्वाभ्यास (माक एक्सरसाइज), प्रतिबंधात्मक रख-रखाव आदि जैसे कर्मचारियों की संलग्नता के विभिन्न कार्यक्रम शुरू करेगा। इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न सामाजिक अभियान भी शुरू किए जाएंगे। सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के महत्व के बारे में बाहरी एवं आंतरिक, दोनों, हितधारकों को शिक्षित करने के लिए एएआई के कार्यालयों और परिचालन केंद्रों पर बैनर और पोस्टर लगाये जा रहे हैं।
श्री मनीष कुमार, डीडीजी, डीजीसीए ने हितधारकों की बेहतर प्रबंधित सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से आईसीएओ द्वारा अपनी वैश्विक उड्डयन सुरक्षा योजना (जीएएसपी- 2020-22) में शामिल किये गये वर्ष 2030 तक शून्य घातकता के दीर्घकालिक लक्ष्य को प्राप्त करने पर जोर दिया।
इस दौरान हवाई अड्डे के निदेशक स्थानीय हवाई अड्डे में परिचालन करने वाले विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के समुदाय के लोगों को उनकी भूमिका से अवगत कराने के लिए विमानन सुरक्षा में स्थानीय निवासियों की भूमिका पर स्कूल/कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।