May 7, 2021

फाइबर ऑप्टिक के खोजकर्ता भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह कपानी का 94 वर्ष की उम्र में निधन

फाइबर ऑप्टिक के पिता के रूप में मशहूर भारत में जन्मे अमेरिका के भौतिक विज्ञानी नरेंद्र सिंह कपानी का शुक्रवार को निधन हो गया है। उन्होंने 94 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। कपानी का जन्म 31 अक्टूबर 1926 को पंजाब के मोगा में एक सिख परिवार में हुआ था।

नरेंद्र सिंह कपानी ने 1956 में पहली बार फाइबर ऑप्टिक शब्द की उत्पत्ति की थी। उनके नाम पर फाइबर ऑप्टिक कम्युनिकेशंस, लेजर्स, बायो-मेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन, सोलर एनर्जी और पॉल्यूशन मॉनिटरिंग के 100 से ज्यादा पेटेंट हैं। प्रसिद्ध पत्रिका फॉर्च्यून ने 22 नवंबर 1999 को प्रकाशित ‘बिजनेसमैन ऑफ द सेंचुरी’ इश्यू में नरेंद्र सिंह कपानी को सात ‘अनसंग हीरोज’ में शामिल किया था।

नरेंद्र कपानी ने लंदन के इम्पीरियल कॉलेज से ऑप्टिक्स में PhD की डिग्री ली थी। लंदन जाने से पहले कपानी ने आगरा यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई की थी। कपानी ने 100 से ज्यादा साइंटिफिक पेपर प्रकाशित किए थे। इसके अलावा ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और एंटरप्रेन्योरशिप पर उन्होंने 4 किताबें लिखी थीं।

उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक सोसायटीज में लेक्चर दिया था।
दानदाता के तौर पर कपानी सिख फाउंडेशन के फाउंडिंग चेयरमैन थे। उन्होंने करीब 50 साल तक इस फाउंडेशन की प्रमुख गतिविधियों को फंड दिया। उनको कई अवार्ड भी मिले थे। 1998 में कपानी को अमेरिका पेन-एशिया अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने ‘द एक्सीलेंस 2000’ अवार्ड से सम्मानित किया था।