March 7, 2021

पश्चिम घाट का संरक्षण परिदृश्य महत्वपूर्ण :रिपोर्ट

कोच्चि, छह दिसंबर इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की एक नयी रिपोर्ट के अनुसार भारत के पश्चिमी घाट पर जनसंख्या के दबाव, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन का खतरा है। यूनेस्को ने पश्चिमी घाट को 2012 में प्राकृतिक वैश्विक धरोहर स्थल का दर्जा दिया था।

पिछले सप्ताह प्रकाशित ‘आईयूसीएन वर्ल्ड हेरिटेज आउटलुक 3’ 2014 से 2017 की पिछली रिपोर्टों पर आधारित है जिनका उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या विश्व के 252 प्राकृतिक वैश्विक धरोहर स्थलों का संरक्षण दीर्घकालिक रूप से उनके संरक्षण के लिहाज से पर्याप्त है या नहीं।

2020 रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी घाट की पर्वत श्रृंखला का संरक्षण परिदृश्य महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। यह दुनिया के जैव विविधता वाले आठ सबसे गर्म स्थानों में से एक है। यदि किसी स्थान का संरक्षण परिदृश्य अहम चिंता का विषय है तो इसके मूल्यों को कई वर्तमान या संभावित खतरे होते हैं और मध्यम से लेकर दीर्घकाल के लिए इन मूल्यों को संरक्षित रखने के लिहाज से अतिरिक्त संरक्षण उपाय जरूरी होते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘पश्चिमी घाट के संदर्भ में आंतरिक और बाहरी जनसंख्या दबाव को देखते हुए इतनी जैव विविधता होना असाधारण है।’’ इसमें कहा गया है कि नयी सड़कों के निर्माण, मौजूदा सड़कों को चौड़ा करना, बिजली उत्पादन जैसे विकास कार्यों के दबाव से भी यहां खतरा बना रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘पूरे क्षेत्र में गतिविधियां चला रहे विभिन्न हितधारकों की बड़ी संख्या को देखते हुए राजनीतिक रूप से पूरे पश्चिमी घाट का संरक्षण और प्रबंधन बहुत ही कठिन है।’’