March 2, 2021

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कर्मचारियों की हड़ताल पर पाबंदी छह माह के लिए फ़िर बढ़ाई हड़ताल करने वाले कर्मचारी जाएंगे जेल

उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने तक किसी भी सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण वाले निगम और प्राधिकरणों में हड़ताल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस क़ानून के लागू होने के बाद अब सरकारी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी 25 मई 2021 तक हड़ताल पर नहीं जा पाएंगे |
इससे पहले बीते 22 मई को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में छह महीने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण क़ानून (एस्मा) लागू कर हड़ताल पर रोक लगा दी थी | इस बाबत बुधवार को अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने अधिसूचना जारी की है।
कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने बुधवार को बताया कि सरकार ने उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं के अनुरक्षण अधिनियम, 1966 के अधीन अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हड़ताल पर छह महीने की अवधि के लिए प्रतिबंध लगा दिया है | इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं |
बता दें कि आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम (एस्मा) लागू करने के लिए सरकार को विशेष शक्ति प्रदान होती है। जिसे लागू करने पर किसी भी सरकारी विभाग में हड़ताल को अवैध माना जाता है। वहीं इस कानून का उल्लंघन करने वाले कर्मचारी को एक साल तक की सजा या जुर्माना या फिर दोनों की सजा का प्रावधान है। इसके लागू होने पर पुलिस कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को बिना वॉरंट गिरफ्तार कर सकती है।
पीटीआई के मुताबिक, अधिसूचना में कहा है कि, राज्यपाल के मंजूरी के बाद इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से अगले छह महीने की अवधि तक हड़ताल पर रोक रहेगी. इसके दायरे में उत्तर प्रदेश राज्य के कार्यकलापों से संबंधित किसी लोक सेवा, राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम या स्थानीय प्राधिकरण में हड़ताल पर अगले छह महीने के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया गया है |’