March 5, 2021

CBSE परीक्षा पर सरकार के बयान से कुछ स्पष्टता मिली, दिल्ली की स्कूल

दिल्ली की स्कूलों के प्रधानाचार्यों का मानना है कि फरवरी 2021 तक बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराने के सरकार के ऐलान से उन्हें स्पष्टता मिली है तथा उनके पास विद्यार्थियों को तैयारी कराने के लिए समय होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड के इम्तिहानों को कोविड-19 महामारी के कारण अगले साल फरवरी तक आयोजित कराने की संभावना को मंगलवार को खारिज कर दिया था। आम तौर पर प्रायोगिक परीक्षाएं जनवरी में होती हैं और थ्योरी के इम्तिहान फरवरी में शुरू होते हैं और मार्च में खत्म होते हैं।

शालीमार बाग स्थित मॉर्डन स्कूल की प्रधानाचार्य अल्का कपूर ने कहा, “बोर्ड को लेकर नई जानकारी के मुताबिक, परीक्षाओं की तारीखों की जल्द घोषणा की जाएगी और छात्रों का अपना स्कूल उनका परीक्षा केंद्र नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “परीक्षाएं उसी तरह से होंगी जिस तरह से हमेशा से होती आई हैं और अब पाठ्यक्रम में किसी प्रकार की और कटौती नहीं की जाएगी। मैं बच्चों को सलाह देना चाहूंगी कि वे अपनी प्रैक्टिकल फाइलों को तैयार करना शुरू कर दें क्योंकि बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा केंद्र पर लेने की योजना बना सकता है।

डीपीएस-आरएनई गाज़ियाबाद की प्रधानाचार्य पल्लवी उपाध्याय ने बताया, “तारीखों को लेकर मिली स्पष्टता के बाद हम प्री-बोर्ड की परीक्षा ऑफ लाइन तरीके से (स्कूल में) आयोजित करने की योजना बनाएंगे। स्कूल परिसरों में सभी दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉलों का पालन किया जाएगा। कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं अगले वर्ष फरवरी तक नहीं होंगी और फरवरी के बाद परीक्षाएं कब कराईं जायेंगी, इस पर स्थिति का आकलन करने और पक्षकारों से विचार विमर्श करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। पूरे देश में कोविड-19 के कारण मार्च से स्कूल बंद हैं। स्कूलों को 15 अक्टूबर से कुछ राज्यों में आंशिक रूप से खोला गया है।