May 7, 2021

तकनीकी विषयों की हिन्दी में पुस्तकें लाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान अब उच्च शिक्षा में कानून, चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, मीडिया, मैनेजमेंट आदि तकनीकी-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की हिन्दी में मौलिक व अनूदित पुस्तकों के प्रकाशन की तैयारी कर रहा है। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सदानंद गुप्त ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने कैंसर की चिकित्सा पर हिन्दी में लिखित एक पुस्तक की पाण्डुलिपि उनके पास आयी है और वह उसका परीक्षण विशेषज्ञों से करवा रहे हैं। अगर परीक्षण में वह पाण्डुलिपि खरी उतरती है तो हिन्दी संस्थान उसे प्रकाशित करेगा। उन्होंने बताया कि स्नातक व स्नातकोत्तर की कक्षाओं के लिए विज्ञान पर भी हिन्दी में संस्थान पुस्तक प्रकाशित करेगा।

इसके अलावा इतिहास, दर्शन पर तो स्नातक व स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों के लिए हिन्दी में पुस्तकें पहले ही छाप चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी पाठ्य पुस्तकों को हिन्दी में प्रकाशित करने के लिए हिन्दी संस्थान सरकार से अलग से बजट नहीं मांगेगा। उन्होंने बताया कि वह कानून, चिकित्सा विज्ञान, मीडिया, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, जनसंचार आदि तकनीकी विषयों के विद्वानों और विषय विशेषज्ञों से सम्पर्क कर रहे हैं, जल्द ही इसके कुछ सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।

उन्होंने बताया कि हिन्दी के लब्त प्रतिष्ठ विद्वानों व लेखकों रामविलास शर्मा, डा. विद्यानिवास मिश्र, घनानंद, फणीश्वरनाथ रेणू, चन्द्रबलि पाण्डेय, अमृतलाल नागर आदि पर साहित्य अकादमी की तर्ज पर मोनोग्राफ प्रकाशित कर रहा है। इसके अलावा राधाकृष्ण दास की समस्त रचनाओं का समग्र भी जल्द प्रकाशित किया जाएगा। राधाकृष्ण दास, भारतेन्दु हरीशचन्द्र के फुफेर भाई थी और हिन्दी समाचार पत्रों का पहला इतिहास राधाकृष्ण दास ने ही लिखा था। उनकी पौत्री प्रतिष्ठित रंगकर्मी व कला समीक्षक प्रतिभा अग्रवाल ने राधाकृष्ण दास की रचनाओं पर समग्र तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 के लिए भारत भारती, लोहिया, भूषण पुरस्कारों के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित कर ली गयी हैं। उम्मीद है कि यह पुरस्कार मार्च के महीने में होली से पहले वितरित कर दिये जाएंगे।