March 2, 2021

डीयू ने छात्रों को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बुलाने वाले नोटिफिकेशन को बताया गया फर्जी

दिल्ली विश्वविद्यालय के दाखिला शाखा ने उस फर्जी वायरल हो रहे नोटिफिकेशन का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि 31 जनवरी तक प्रथम वर्ष के छात्रों को सशरीर कॉलेज जाकर अपने प्रमाणपत्र का सत्यापन कराना है। डीयू की दाखिला शाखा ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि डीयू ने इस तरह कोई निर्देश जारी नहीं किया है। जब डीयू कॉलेजों को खोलने का आदेश देगा तभी इस बाबत निर्णय लिया जाएगा।

 

विश्वविद्यालय खुलने के फर्जी प्रेस विज्ञप्ति विश्वविद्यालयों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल्ली और दिल्ली के बाहर के छात्रों के लिए भी यह परेशानी का सबब बन रहे हैं। ऐसे मैसेज वायरल होने के बाद छात्र एक-दूसरे छात्रों को फोन कर पूछ रहे हैं। शिक्षकों और विश्वविद्यालय में कॉल करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ जाती है। जेएनयू और जामिया के खुलने से लेकर अन्य मामलों में इस तरह के फर्जी संदेश वायरल हुए हैं।

पहले भी डीयू के रजिस्ट्रार के नाम से जारी इस फर्जी प्रेस विज्ञप्ति का डीयू प्रशासन ने खंडन किया है। ज्ञात हो कि इससे पहले इसी तरह की एक प्रेस विज्ञप्ति डीन एग्जामिनेशन के नाम से वायरल हो रही थी। उसका भी डीयू ने खंडन किया है।

 

ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों से लगातार विभिन्न निर्णयों को लेकर फर्जी मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसके बाद कॉलेज प्रिंसिपल के अलावा दाखिला शाखा के अधिकारियों के पास लगातार फोन आ रहे हैं।

 

लगातार फोन आने व इसे वायरल होने की जानकारी के बाद डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसका खंडन किया था और मीडिया में बयान जारी कर कहा था कि रजिस्ट्रार के फर्जी हस्ताक्षर से विश्वविद्यालय खुलने की जो प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई है वह फर्जी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद ही विश्वविद्यालय खुलेगा।