March 2, 2021

गलवान झड़प के बाद भारत का चीनी सेना पर से भरोसा कम हुआ: लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने बात की

नई दिल्‍ली: विजय दिवस के मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच जून में लद्दाख की गलवान घाटी में झड़प के बाद से विश्‍वास में कमी आई है। अनिल चौहान पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर हैं और उन्‍होंने कहा कि दोनों के बीच भरोसे के पुनर्निर्माण में समय लगेगा।

लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (NWM) में कहा, “मैं यह कहना चाहूंगा कि लद्दाख में घर्षण के बाद से पूर्वी कमान क्षेत्र में कोई बड़ी घुसपैठ या सामना नहीं हुआ है। गलवान की घटना के बाद से हमारे और चीनी पीएलए के बीच LAC पर आपसी विश्वास का विकास और स्थिर होने में समय लगेगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के अन्य अधिकारी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर NWM में श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद बांग्लादेश एक नया देश बना। पीएम मोदी ने एनडब्ल्यूएम में सैनिकों को श्रद्धांजलि के रूप में स्वर्णिम विजय मशाल जलाई।

इस अवसर पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘स्वर्णिम विजय दिवस’ के लिए लोगो का अनावरण किया। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के अनन्त ज्वाला से जलाए गए चार विक्ट्री मसाल 1971 के युद्ध के परमवीर चक्र और महावीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के गांवों सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाए जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “दिसंबर 1971 में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान सेना पर एक निर्णायक और ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप एक राष्ट्र – बांग्लादेश का निर्माण हुआ और इसके बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण भी हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध 16 दिसंबर 1971 को भारत को यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी। भारत 50 वर्षों के भारत-पाक युद्ध का जश्न ‘स्वर्णिम विजय दिवस’ के रूप में मनाता है।”

भारत में विभिन्न स्मारक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें युद्ध वेटरन्स वीरों को सम्मानित किया जाएगा और बैंड डिस्प्ले, सेमिनार, प्रदर्शनी, उपकरण प्रदर्शन, फिल्म समारोह, कॉन्क्लेव व साहसिक गतिविधियों जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।

1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से आज़ाद कराने में भारत की विजय को चिह्नित करने के लिए हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है।