February 28, 2021

उम्मीद का उजियारा: कोरोना के आगे घुटने नहीं टेके, हालात को अवसर में बदलकर शुरू किया स्टार्टअप

कोरोना महामारी के आगे उत्तराखंड के स्टार्टअप ने घुटने नहीं टेके। बाजार की मांग को समझ कर हालात को अवसर में बदला और यूवी-19 सैनिटाइजर मशीन बना डाली। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी यूवी सैनिटाइजर के काफी ऑर्डर मिल रहे हैं। दावा है कि साढ़े पांच हजार की इस यूवी-19 मशीन से फल-सब्जी से लेकर कोई भी इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामान को कोरोना संक्रमण मुक्त किया जा सकता है।

कोविड महामारी से जहां अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। वहीं, देहरादून के स्टार्टअप अभिजीत रॉय और उनकी टीम ने इस महामारी को अवसर में बदल दिया। सरकार से स्टार्टअप की मान्यता मिलने के बाद जैसे ही उन्होंने बेस्ट प्लास्टिक को रिसाइकिल कर फ्लोर टाइल्स बनाने का काम शुरू की योजना बनाई, तब तक कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी।

लॉकडाउन के कारण अभिजीत और उनकी टीम काफी आहत भी हुई। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर की मांग को देखते हुए स्टार्टअप अभिजीत ने हालात को अवसर में बदलने की ठान ली। फिर उन्होंने यूवी-19 सैनिटाइजर मशीन बना डाली।

यूवी मशीन से 99 प्रतिशत कोरोना वायरस निष्क्रिय
अभिजीत का कहना है कि उन्होंने प्लेड्स इनोवेशन कंपनी बनाई है। उनकी टीम में सौम्या पंवार, अमन बिजल्वाण, याशिका शर्मा व अंकित गुप्ता शामिल हैं। कोविड महामारी से लॉकडाउन में काम शुरू करने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर की मांग को देखते हुए उन्होंने यूवी-19 सैनिटाइजर मशीन बनाने का काम शुरू कर दिया। दिल्ली के चांदनी चौक से सामान खरीद और फैब्रिकेट्स को ढूंढ कर यूवी मशीन का मॉडल तैयार किया।
इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बाजार में उतारा। उत्तराखंड समेत दिल्ली, फरीदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद समेत अन्य राज्यों से यूवी मशीन के ऑर्डर मिले। अब तक 70 से अधिक यूवी-19 सैनिटाइजर मशीन बना चुके हैं।

अभिजीत राय का दावा है कि यूवी मशीन के जरिये से मोबाइल फोन, आईपेड, लैपटाप, फाइल, घड़ी और फल-सब्जी समेत अन्य सामान को सैनिटाइज किया जा सकता है। यूवी मशीन में अल्ट्रा वायलेट किरणों से कोरोना वायरस निष्क्रिय किया जा सकता है।