May 7, 2021

पहल : अभिभावक भी अब यूपी के माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकेंगे

अब अभिभावक भी सरकारी माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई करा सकेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को कार्य योजना की जानकारी भी दे दी गई है शिक्षा दान करने वाले अभिभावकों की स्कूल स्तर पर स्कूलों में तलाश शुरू हो गई है। बीते साल भी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र छात्राओं को अतिरिक्त पढ़ाई कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अभिभावकों की ओर से स्कूलों में पढ़ाई कराई गई थी। जिले के 9 स्कूलों में अभिभावकों ने उस दौरान शिक्षा दान कार्यक्रम चलाया था। इस कार्यक्रम में बुजुर्ग अभी बाबू कौन है सबसे अधिक शिक्षा दान कार्यक्रम में सहभाग किया था। स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई कि ऐसे अभिभावक जिन्होंने किसी विशेष कोर्स में बेहतर शिक्षा हासिल की है वह अपने घर के पास मौजूद सरकारी स्कूलों में यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों को अतिरिक्त कक्षा के दौरान पढ़ाई करा सकते हैं।

और साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह शिक्षा दान करने वाले अभिभावकों को किसी तरह का शुल्क नहीं देंगे। डॉ नीरज कुमार पांडे जो कि जिला विद्यालय निरीक्षक है ने कहा कि कि अभिभावकों की ओर से यदि स्कूलों में शिक्षा दान करने के लिए सहमति दी जाती है तो सिर्फ प्रधानाचार्य की सहमति मान्य होगी।

अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई कराए जाने से पूर्व कोरोना टेस्ट कराना होगा कोरोना टेस्ट कराए जाने के साथ ही रोजाना उन्हें कोरोना सम्बन्धी नियमों का भी पालन करना होगा। बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई कराने के बाद उन्हें प्रधानाचार्य को यह भी जानकारी देनी होगी कि उन्होंने पाठ्यक्रम में किस तरह से बच्चों को पढ़ाई कराई है।

अभिभावकों के पढ़ाने से पढ़ाई में बढ़ेगी
रोचकता
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में नयापन दिखाई देगा, अभिभावकों की ओर से पढ़ाई कराने के दौरान ऐसा स्कूलों का मानना है
इसके अलावाअभिभावक उस कक्षा का संचालन कर बेहतर पढ़ाई करा सकते हैं स्कूल में यदि किसी वजह से शिक्षक अपनी कक्षा में उपस्थित नहीं हुआ हो तो
इसके अलावा इस बार हुई ऑनलाइन पढ़ाई के बाद छात्र छात्राओं को कक्षाओं में होने वाले टेस्ट मे भी अभिभावक बेहतर भूमिका निभा सकते हैं।

पाठ्यक्रम के द्वारा उसे छात्र-छात्राओं को हासिल होगा लाभ
स्कूलों में शिक्षकों के अलावा छात्र-छात्राओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी अभिभावकों के शामिल हो जाने पर
इससे छात्र छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान पूरा किया क्या पाठ्यक्रम के दोहराव कराए जाने में भी आसानी हो सकेगी। अभिभावकों की ओर से छात्र छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान पूरा किए गए पाठ्यक्रम को दोबारा पढ़ाई जाने के लिए भी सहमति प्रदान की जा सकेगी। एक ही पाठ्यक्रम के दो या तीन बार दौरा होने से छात्र-छात्राओं को लाभ हासिल हो सकेगा।